सीमा सुरक्षा पर केंद्र का फोकस, सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन-2026 में अमित शाह ने रखी भविष्य की रणनीति

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नई दिल्ली, 10 जुलाई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित “सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन-2026” को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सीमा सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार समग्र दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन ने समग्र सीमा सुरक्षा (Comprehensive Border Security) की अवधारणा को संस्थागत स्वरूप प्रदान किया है।

अमित शाह ने कहा कि भविष्य में स्मार्ट बॉर्डर की परिकल्पना पर आधारित भारत की सीमा सुरक्षा व्यवस्था विश्व की सबसे आधुनिक प्रणालियों में शामिल होगी। उन्होंने कहा कि सरकार सीमाओं पर आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और बेहतर समन्वय के माध्यम से सुरक्षा तंत्र को लगातार मजबूत कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, पूर्वोत्तर में उग्रवाद और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हिंसा पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है, जो केंद्र और राज्यों की संयुक्त रणनीति की सफलता का प्रमाण है।

गृह मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर में लगभग 400 प्रतिशत वृद्धि की है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, संचार और सुरक्षा से जुड़ी अधोसंरचना को तेजी से विकसित किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता और सीमा प्रबंधन दोनों मजबूत हुए हैं।

अमित शाह ने वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अंतिम गांव को “देश का प्रथम गांव” का दर्जा दिया है। इस योजना के तहत सीमावर्ती गांवों में पलायन रोकने, रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सुरक्षित सीमाएं, मजबूत अधोसंरचना और सीमावर्ती क्षेत्रों का समग्र विकास, विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण आधार हैं।

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