देहरादून | 2 फरवरी 2026
पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यशैली और जनसेवा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस और प्रशासन का प्रत्येक विभाग आम जनमानस के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ कार्य करे।
सोमवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय डीजी/आईजी सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्षों की समीक्षा करते हुए कानून व्यवस्था, सुरक्षा, पर्यटन प्रबंधन, राजस्व, नशा मुक्ति, अभियोजन, कारागार सुधार एवं जनशिकायत निवारण से जुड़े विषयों पर गहन चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस का वर्क कल्चर सुधरे, आम आदमी को न सताया जाए
मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि थाना चौकियों से लेकर फील्ड स्तर तक वर्क कल्चर में तत्काल सुधार किया जाए। आम नागरिकों के साथ मानवीयता, संवेदनशीलता और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। निर्दोष लोगों को परेशान करने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि रात्रि गश्त को और अधिक सघन किया जाए, निरंतर पेट्रोलिंग हो और अपराधियों पर सख्त शिकंजा कसा जाए।
दिल्ली एक्सप्रेसवे के बाद पर्यटन उछाल को लेकर सरकार अलर्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद राज्य में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। इसे देखते हुए होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक प्लान, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी सभी तैयारियाँ समयबद्ध रूप से पूरी की जाएँ। किसी भी स्थिति में अव्यवस्था स्वीकार्य नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि कैंची धाम बाईपास जून माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।
लैंड फ्रॉड पर बनेगा सख्त कानून
मुख्यमंत्री ने भूमि धोखाधड़ी के मामलों पर कठोर कानून बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि लैंड फ्रॉड में संलिप्त दोषियों को किसी भी सूरत में राहत नहीं दी जाएगी। नदी-नालों एवं सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण के मामलों में संबंधित एसडीएम, लेखपाल और पटवारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
नशा मुक्ति को जन आंदोलन बनाएगी सरकार
मुख्यमंत्री ने नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए। प्रत्येक जनपद से मासिक नशा मुक्ति रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिसकी नियमित समीक्षा गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक करेंगे।
अभियोजन व्यवस्था पर सख्त रुख
अभियोजन व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियोजन कमजोर नहीं होना चाहिए। अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराया जाए ताकि मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री घोषणाओं का 100% क्रियान्वयन अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनशिकायत निवारण सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री घोषणाओं का जिलों में 100 प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। योजनाएँ केवल कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। नियमित भौतिक सत्यापन और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने 1905 हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा कर जीरो पेंडेंसी का लक्ष्य सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
अन्य प्रमुख निर्देश
- अगले 6 माह में विशेष अभियान चलाकर प्रत्येक जनपद के गांवों को 100% योजनाओं से संतृप्त किया जाए
- डिजिटल गवर्नेंस को पूरी गंभीरता से लागू किया जाए
- चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर संबंधित जनपदों में संयुक्त समीक्षा बैठकें हों
- लोक निर्माण विभाग 15 फरवरी तक सड़कों के डामरीकरण का कार्य शुरू करे, गुणवत्ता से कोई समझौता न हो
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि राज्य में शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।