चमोली, 1 जून। सीमांत जनपद चमोली की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ ने पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में नए विश्वास, स्वाभिमान और विकास का प्रतीक बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत आयोजित यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि नीति क्षेत्र में होमस्टे की संख्या 35 से बढ़कर 450 से अधिक हो चुकी है, जो यहां पर्यटन गतिविधियों के तेजी से विस्तार का प्रमाण है।
11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित इस अल्ट्रा रन में देश के 27 राज्यों से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पर्यटन विभाग, भारतीय सेना और आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “नीति घाटी का यह जागरण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के स्वाभिमान, स्वावलंबन और नए विश्वास की नई इबारत है।” उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए भारतीय सेना, आईटीबीपी, आयोजकों और स्थानीय जनता को शुभकामनाएं दीं।
मलारी गांव में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित किया गया। 5, 10, 21, 42 और 75 किलोमीटर की विभिन्न स्पर्धाओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के अंतिम दिन 2 जून को गमसाली से मलारी के बीच 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 100 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।