रुद्रपुर। गांधी मैदान, रुद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा ₹323.34 करोड़ की लागत से 32 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस प्रकार कुल ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं को जनता को समर्पित किया गया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने किसानों से मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि भूमि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी धरती माता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत कृषि क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आज देश चावल उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड निकट भविष्य में बागवानी (हॉर्टिकल्चर) हब के रूप में नई पहचान बनाएगा और इस दिशा में केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग देगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने, बड़ी नर्सरियों के लिए ₹4 करोड़ तथा छोटी नर्सरियों के लिए ₹2 करोड़ तक की सहायता देने की घोषणा की। इसके अलावा चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹15 करोड़ की विशेष कार्ययोजना तैयार किए जाने की जानकारी दी।
उन्होंने किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए घेरबाड़ (फेंसिंग) हेतु ₹65 करोड़ तथा प्रदेश में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ की स्वीकृति देने की घोषणा की। उन्होंने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने और मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी और स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण, नहरों से निःशुल्क सिंचाई सुविधा तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, सीए स्टोरेज और मेगा फूड पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार कर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में कृषि एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए जैविक खेती को बढ़ावा देने, घेरबाड़ के लिए अतिरिक्त सहायता तथा मंडुवा और झंगोरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, किसान एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।