देहरादून। भारत-नेपाल संयुक्त कार्य समूह (JWG) की 14वीं बैठक 20 और 21 अगस्त 2026 को देहरादून में आयोजित की गई। बैठक में दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारत सरकार के गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव (BM-I) श्रीमती पौसुमी बासु ने किया, जबकि नेपाल के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नेपाल सरकार के गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री आनंद कफ्ले ने किया।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने सीमा प्रबंधन और सुरक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की और इन क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सीमा पार अपराधों से निपटने पर जोर
चर्चा के दौरान सीमा पार से होने वाले अपराधों और आपराधिक गतिविधियों से प्रभावी ढंग से निपटने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने सीमा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं में बेहतर समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करने पर जोर दिया।
ICP, सड़क और रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने पर चर्चा
बैठक में सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और उसके प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से एकीकृत जांच चौकियों (ICP), सड़कों और रेलवे नेटवर्क को बेहतर बनाने तथा इनका अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग सुनिश्चित करने के विषय पर विचार किया गया।
इसके अलावा सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और सीमा स्तंभों (Boundary Pillars) के रखरखाव से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों पक्षों ने चर्चा की।
संस्थागत समन्वय और क्षमता विकास पर जोर
दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत समन्वय और क्षमता विकास को मजबूत करने के लिए अपने विचार साझा किए। साथ ही इन क्षेत्रों में निरंतर सहयोग और समन्वय बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की गई।
बैठक के अंत में दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि भारत-नेपाल संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक नेपाल में आयोजित की जाएगी। बैठक की तिथि दोनों पक्षों की आपसी सुविधा के अनुसार तय की जाएगी।
भारत और नेपाल के बीच नियमित रूप से होने वाली यह बैठक दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन, सुरक्षा और आपसी सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करती है।