देहरादून, 2026 ,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इन फैसलों का असर राज्य के किसानों, सरकारी कर्मचारियों, न्यायिक अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और युवाओं पर सीधे तौर पर पड़ेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक फैसले
एडीबी समर्थित पुल सुधार परियोजना के तहत 1 करोड़ से अधिक की कंसलटेंसी टेंडर को मंजूरी।
राज्य योजना आयोग की जगह सेतु आयोग के गठन को स्वीकृति।
पंचम विधानसभा सत्र 2026 के सत्रावसान को मंजूरी।
न्याय और गृह विभाग से जुड़े फैसले
न्यायिक अधिकारियों को वाहन खरीद के लिए 10 लाख तक सॉफ्ट लोन (EV पर 4%, अन्य पर 5% ब्याज)।
उत्तराखण्ड लोक और निजी संपत्ति वसूली अधिनियम की नियमावली लागू करने की अनुमति।
होमगार्ड्स सेवा संशोधन नियमावली को मंजूरी, जिससे प्रमोशन में आ रही बाधा दूर होगी।
पुलिस में डिजिटल जांच और ट्रेनिंग के लिए NIELIT के विशेषज्ञ नियुक्त होंगे।
वन और कार्मिक विभाग
मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पद के लिए सेवा अवधि 25 से घटाकर 22 वर्ष की गई।
पुलिस और अन्य वर्दीधारी पदों की भर्ती में पुरानी नियमावली अगले 3 साल तक लागू रहेगी।
ऊर्जा और शिक्षा क्षेत्र
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 31 मार्च 2025 तक लगे संयंत्रों को सब्सिडी देने की मंजूरी।
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के नियमन के लिए परिनियम को स्वीकृति।
एडेड स्कूल शिक्षकों की सेवा मान्यता पर विचार हेतु उपसमिति गठित होगी।
किसानों के लिए बड़ी राहत
रबी विपणन सत्र 2026-27 में ₹2585 प्रति क्विंटल MSP पर गेहूं खरीद।
2.2 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय।
मंडी शुल्क 2% ही रखने का निर्णय (गेहूं और धान खरीद पर)।
युवाओं और पूर्व सैनिकों के लिए खास योजना
‘उत्तराखण्ड वीर उद्यमी योजना 2026’ को मंजूरी।
10% लक्ष्य पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए आरक्षित।
5% अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ।
पर्वतीय क्षेत्रों में 30% तक और मैदानी क्षेत्रों में 25% तक सब्सिडी।