देहरादून। उत्तराखण्ड के औद्योगिक विकास को नई गति देने वाली इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) खुरपिया परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की तृतीय शीर्ष मॉनिटरिंग बैठक में वर्चुअल प्रतिभाग किया।
बैठक में देश के औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति, समयबद्ध क्रियान्वयन और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास की समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखण्ड में विकसित किए जा रहे IMC खुरपिया की प्रगति और राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के लिए निर्धारित 1,002 एकड़ भूमि पूरी तरह NUITL के कब्जे में है और वर्तमान में परियोजना स्थल पर किसी प्रकार की बाधा नहीं है। इससे निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
उन्होंने कहा कि IMC खुरपिया के विकास के लिए EPC अनुबंध 20 मार्च 2026 को निष्पादित किया जा चुका है और निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गया है। परियोजना के तहत 24.1 किलोमीटर Right of Way (ROW) क्लियर कर EPC ठेकेदार को उपलब्ध करा दिया गया है। इसके बाद सड़क निर्माण सहित अन्य आवश्यक कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
नागला-किच्छा मार्ग और विद्युत उपकेंद्र पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बड़े औद्योगिक क्लस्टर की सफलता के लिए मजबूत सड़क कनेक्टिविटी और निर्बाध विद्युत आपूर्ति बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से IMC खुरपिया की बाह्य अवसंरचना को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जा रहा है।
राज्य सरकार द्वारा नागला-किच्छा SH-44 के लगभग 10.7 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन किए जाने के लिए आवश्यक समन्वय और कार्यवाही की जा रही है। यह मार्ग IMC खुरपिया को बेहतर कनेक्टिविटी देने के साथ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
इसके साथ ही PITCUL द्वारा परियोजना के लिए 400/220 केवी विद्युत उपकेंद्र के समयबद्ध निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही एवं समन्वय किया जा रहा है।
दिसंबर 2028 तक पूरा होगा ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर
मुख्यमंत्री ने कहा कि IMC खुरपिया के ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के प्रत्येक चरण की निरंतर निगरानी, विभागों के बीच प्रभावी समन्वय तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और गति बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि IMC खुरपिया उत्तराखण्ड में औद्योगिक निवेश बढ़ाने, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर पैदा करने तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने भारत सरकार तथा NICDIT/NICDC से जुड़े SPV से परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन में आवश्यक सहयोग और समन्वय की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से IMC खुरपिया को आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निवेश-अनुकूल औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार परियोजना से जुड़े सभी राज्य स्तरीय विषयों के समाधान के लिए तत्पर है और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए निरंतर निगरानी की जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि IMC खुरपिया आने वाले समय में उत्तराखण्ड के औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पाण्डेय भी उपस्थित रहे।