देहरादून, 6 अगस्त।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय नेशनल कोऑर्डिनेशन सेंटर फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट (NCORD) की 12वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने, नशा मुक्ति केंद्रों को सशक्त बनाने तथा जनजागरूकता अभियान तेज करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में एनकॉर्ड बैठकों का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने व्यवसायिक मात्रा में पकड़े गए मादक पदार्थों के मामलों की लगातार निगरानी करने और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही पुलिस विभाग को ड्रग्स की सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए ठोस रणनीति अपनाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों से जनपदवार स्थिति की जानकारी लेते हुए नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ड्रग डिटेक्शन किट्स के लिए वैज्ञानिक मानक तय करने और जांच प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी बल दिया।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में संचालित डी-एडिक्शन (नशा मुक्ति) केंद्रों की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि जो केंद्र किसी कारणवश संचालित नहीं हो रहे हैं, उन्हें तत्काल सक्रिय किया जाए। उन्होंने जिला अस्पतालों में नशा मुक्ति केंद्रों के लिए समर्पित बेड उपलब्ध कराने के साथ-साथ सभी मेडिकल कॉलेजों एवं उप जिला अस्पतालों में भी डेडिकेटेड बेड की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी नए डी-एडिक्शन सेंटर स्थापित करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि फंडिंग की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। साथ ही जिलाधिकारियों को निजी नशा मुक्ति केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर मानकों को पूरा करने वाले केंद्रों का पंजीकरण एवं प्रमाणन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने स्कूली बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग क्लब गठित करने तथा स्कूल-कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में गुटखा, तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्रदेश में मादक पदार्थों के उपयोग पर व्यापक सर्वे कराने की आवश्यकता भी बताई, ताकि नशे के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने की प्रभावी रणनीति बनाई जा सके।
बैठक में डीजी इंटेलीजेंस अभिनव कुमार, सचिव शैलेष बगौली, आईजी डॉ. नीलेश आनंद भारणे, अपर सचिव गृह तृप्ति भट्ट, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।