दालचीनी खेती और नवाचार पर वैश्विक मंथन, सेलाकुई में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन

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देहरादून, 10 जून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को मीडिया सेंटर, सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र का नाम परिवर्तित कर परफ्यूमरी एवं सगंध अनुसंधान एवं विकास संस्थान कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा 11 एवं 12 जून 2026 को “दालचीनीः प्रवर्धन, सतत खेती एवं कटाई उपरांत प्रौद्योगिकियों में नवाचार” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सबसे अधिक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।

मंत्री ने बताया कि यह संस्थान सगंध पौधों की खेती, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण, अनुसंधान एवं व्यवसायीकरण के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। संस्थान के प्रयासों से राज्य में लगभग 10 हजार हेक्टेयर भूमि पर सगंध खेती का विस्तार हुआ है, जिससे 109 एरोमा क्लस्टरों के माध्यम से लगभग 29 हजार किसान लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही 200 से अधिक फील्ड डिस्टिलेशन यूनिट्स स्थापित की गई हैं। वर्ष 2003 में जहां एरोमैटिक सेक्टर का कारोबार मात्र 2 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2025 तक यह बढ़कर 100 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एरोमैटिक सेक्टर को नई गति देने के लिए उत्तराखंड महक क्रांति नीति 2026-36 लागू की है। इसके तहत 23 हजार हेक्टेयर भूमि पर सगंध खेती का विस्तार कर 91 हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही प्रदेश में सात एरोमा वैलियों का विकास किया जाएगा। नीति के तहत चम्पावत एवं नैनीताल जिलों में लगभग 5200 हेक्टेयर क्षेत्र में “सिनेमन वैली” विकसित की जा रही है।

मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का उद्देश्य दालचीनी की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देना, किसानों को आधुनिक तकनीकों और वैश्विक अनुभवों से जोड़ना, अनुसंधान एवं उद्योग के बीच समन्वय स्थापित करना तथा गुणवत्ता आधारित उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करना है। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा, निर्यात मानकों और दालचीनी आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी विशेष चर्चा होगी।

सेमिनार में श्रीलंका के नेशनल सिनेमन रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर, प्योर सिनेमन एक्सपोर्ट्स तथा इंडोनेशिया के रिसर्च सेंटर फॉर एस्टेट क्रॉप्स के विशेषज्ञ भाग लेंगे। इसके अलावा देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिक, 40 से अधिक प्रतिनिधि, 50 दालचीनी किसान और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी प्रतिभाग करेंगे।

इस अवसर पर सगंध पौधा केंद्र (कैप), सेलाकुई के निदेशक डॉ. नृपेन्द्र चौहान भी उपस्थित रहे।

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