देहरादून। राज्य सरकार ने श्रमिकों के हितों के संरक्षण तथा औद्योगिक शांति बनाए रखने को लेकर उद्योगों और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं। प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में उद्योग प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाओं और श्रम कानूनों के पालन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम, बोनस तथा अन्य वैधानिक सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। प्रमुख सचिव ने आयुक्त उद्योग, आयुक्त श्रम विभाग तथा सभी औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि श्रमिकों को सभी सुविधाएं समयबद्ध, पारदर्शी और नियमों के अनुसार उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि सभी उद्योग संस्थान श्रम कानूनों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें और औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए श्रमिकों के साथ नियमित संवाद स्थापित करें। श्रमिकों को विश्वास में लेकर कार्य करने से उद्योगों में बेहतर वातावरण बना रहेगा और विवादों की स्थिति से बचा जा सकेगा।
प्रमुख सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यापक स्क्रीनिंग अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक श्रमिक को मानक के अनुरूप वेतन और अन्य सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई बाहरी व्यक्ति भ्रम फैलाने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए।
बैठक के दौरान उद्योग विभाग और श्रम विभाग के अधिकारियों सहित विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखते हुए बताया कि उद्योगों द्वारा श्रमिकों को निर्धारित मानकों के अनुसार न्यूनतम वेतन एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने कहा कि राज्य सरकार और श्रम विभाग श्रमिकों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील हैं तथा श्रमिक हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में सचिव श्रीधर बाबू अडंकी, आयुक्त उद्योग सौरव गहरवार, आयुक्त श्रम विभाग पी.सी. दुम्का सहित विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।